• shivajiwrites 9w

    घर से दूर रह रहा/ रह चुका,
    हर शख्स इस बात से वाकिफ है,

    श्रम "माँ" जैसा, उनसे तो होचुका।

    कमा चाहे हम ले कितना ही,
    खाया हो चाहे कितनी ही जगह,

    पर माँ के हाथों के भोजन का वो स्वाद "पाँच सितारा" भी ना ला सका,
    यह बात घर से दूर रह, हर शख्स को समझ आचुका।।

    ©शिवजीराइट्स