• shivangi_lavaniya_ 31w

    कोई नाखुश है खुश हो के भी
    कोई खुश है नाखुश हो के भी
    कोई चल रहा है चोट खा के भी
    कोई बैठा है बिना चोट खाए भी
    कोई अनदेखा कर रहा है देख के भी
    कोई ना देख के भी सब देख रहा
    कोई चल रहा है राहों में बिना मन्जिल के
    कोई मन्जिल पा के भी खोया है राहों में

    ©Shivangi Lavaniya