• kumargourav99 6w

    तड़प!!

    दूरियों से मोहब्बत का पता चला मुझे,
    जब रूह तड़प उठी, उसके पास जाने को।
    करीब रहकर उसके, सब खेल लगा मुझे,
    खुद ही बोल बैठा, उसे खुद से दूर जाने को।।

    वो आख़िरी तस्वीर भी जला दी मैंने,
    अब खुद तड़प रहा हूं, उसे देखने भर को।
    रोकने को उसे सारी तरकीब लगा दी मैंने,
    एक लफ्ज़ ना निकला, उसे रोकने भर को।।

    ©kumargourav99