• im_sureshgaikwad 6w

    वो लाेग बोहत खुश किसमत थे जो इश्क को काम समझते थे
    या काम से आशिकी करते थे
    हम तो जीते जी मशरू्फ रहे
    कुछ इश्क किया
    कुछ काम किया..
    काम इश्क के आढे आता रहा
    कभी इश्क मे काम बिघडता रहा
    आखिर तंग आकर हमने दोनो को
    अधुरा ही छोड दिया.....

    ©Piyushmishra