• thelekhan 21w

    Maaa(II)

    जब भी मेरी गुस्ताखिया हद से गुज़र जाए,
    तो उसकी तीखी सी फटकार मेरी सिसकियाँ निकल जाती हैं।
    मेरे चेहरे पे मुश्किल हालतों की शिकन देख वो थोड़ी घबरा सी जाती है,
    फिर अपने सलाह से मेरा मार्ग दर्शन वो करती हैं।
    शायद इसलिए ये दुनिया इस औदे को “माँ” शब्द से नवाजती हैं।
    ©the_lekhan