• igaurav_pandey 30w

    यूँ तो बहुत शांत सा रहने लगा हूँ
    सब कुछ फिर से समझने लगा हूँ
    पर अचानक कभी-कभी मेरा ये नादान सा दिल बेचैन हो उठता है।
    काल्पनिकता की उस दीवार पर चढ़ जाता है
    और चींख-चींख कर कहता है
    की... "तुम मेरी ही तो हो...!"
    पर तभी उसके ग़ुरूर की आँधी चल पड़ती है
    और ये बेचारा दिल उन हवाओं से हार ज़मीन पर गिर जाता है, ज़ख़्मी हो जाता है।
    ज़मीन की वो धूल उसके घाओं में भरने लगती है,
    उसे सुकून देती है।
    मिट्टी की वो शीतलता उसे ये याद दिलाती है
    कि तू इस मिट्टी से बना है
    और ये मिट्टी ही तेरा अंत तक साथ देगी
    जब सब तुझे छोड़ जाएंगे।

    "कुछ चीज़ें सिर्फ़ कल्पना हैं और इन्हें हकीकत नही बनाया जा सकता।"

    #igaurav_pandey #HumaariShaayari #Hindi #Poetry

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    काल्पनिकता की दीवार।

    ©igaurav_pandey

    (Read In Caption)