• aarush8695 23w

    "मेरी कहानी"

    मै कम बोलता हूँ, पर कुछ लोगों से सुना है कि जब बोलता हूँ तो बहुत बोलता हूँ.......
    मुझे लगता है कि मै बहुत ज्यादा सोचता हूँ, मगर उनसे पूछकर देखिए जिन्हें मैंने बिन सोचे-समझे ना जाने क्या-क्या कहा.......
    लोग जैसा मुझे देखते है शायद मै वैसा नही हूँ, पर जिद्दी बहुत हूँ इतना तो खुद का बखूबी पता है.......
    मै हंसमुख हूँ तो कभी-कभी भावुक भी हूँ, पर हमेशा गलत ही रहूँ यह जरुरी तो नही.......
    मुझे लगता है कि मै आस्तिक हूँ, पर शायद थोड़ा सा विद्रोही भी.......
    परम्पराओं को तोड़ना भी मुझे भाता है, पर कभी-कभी डर भी मुझे सताता है......
    मुझे लगता है कि बहुत से लोगों की तरह अकेला हूँ, पर अक्सर कुछ लोगों के साथ मैंने खुद को भूलते हुए भी देखा है.......
    कभी-कभी लोगों को लगता है कि मै थोड़ा कठोर भी हूँ, पर शायद खुद के आत्मसम्मान के लिए मैंने खुद को कभी-कभी ऐसा बनाया है.......
    कुछ लोग कहते हैे रिश्तों की अहमियत कोई तुझसे सीखे, सच ही था शायद मैंने इसी लिए खुद को झुकना सिखाया है.......
    गलतियाँ स्वीकारना मेरी आदत रही, पर सुधार को भी खुद मे शामिल किया है.......
    कुछ लोगों से सुना है कि लड़को को रोना नही चाहिए, पर कभी-कभी आंसुओं को बह जाने भी दिया है.......
    यह सच है कि मै बहुत मजबूत हूँ, पर कभी-कभी खुद को कमजोर भी महसूस भी किया है.......
    "नारीवाद" का समर्थक हूँ, पर "विवेकानंदजी" से भी बहुत कुछ सीखा है.......
    आदर्श है "कलाम" मेरे, पर "प्रेरक" भी किसी को माना है.......

    आम इंसान हूँ जिसके कुछ सपने है.....थोडे टूटे है लेकिन बहुत से पूरे भी हुए है....... पर आम इंसान की तरह मै असंतुष्ट भी हूँ अपने सपनो के प्रति.......इसलिए शायद कुछ लोगों ने मुझे जुनूनी की संज्ञा से संबोधित भी किया है........
    खुद मे खोजने पर शायद इन कारणो ने मेरे सवाल "कौन हूँ मै....?" का जवाब बस यूँ ही दे दिया.......... पर फिर भी मुझे लगता है कि उत्तर देने की मेरी कोशिश अभी भी अधूरी ही रही............

    ©आरुष