• heartslines_latasworld 6w

    उफ़ उम्र साथ मेरी पलकें बदली

    पता नहीं, जिंदगी के बोझ से, या उम्र, या कमजोरी से
    कंधे झुके पीठ झुकी जोड़ जिद्दी चाल लड़खड़ा गइ है

    वख्त के साथ वख्ती थे मेरे दिल बदले ये दिमाग बदले
    मेरी अलकें बदली उफ़ उम्र संग मेरी पलकें भी बदली

    सुबह के आईने में अलकों संग पलकों में बदलाव मिला
    ख्वाबों से ख्वाबों को बीनते शायद, ये हल्की हो चली हैं

    पर ! जब से पलकों ने, पलकों के ढलकते बोझ ले लिए
    उसदिन से इस दिल की नादानियाँ भी सम्भलने लगीं हैं