• tanyasethi 5w

    कुछ अनकही बातें है तेरे मेरे दरमियाँ,
    कहना जो भी चाहू बस कह नहीं पाती,
    ग़लती ना ख़ुद की थी ना खुदा की,
    ये इश्क़ की आँधी हैं, मौक़ा देख कर नहीं आती।



    ©tanyasethi