• hearts_lines 24w

    तुझे समझना है तुझे जीना है

    अब आज के पैदा हालातों में
    मैं किसी क्रम से जुड़ता नहीं
    गुजर जाती है घटना कुछ यूँ
    पत्तों पे पड़ ढलकती बूँदें ज्यूँ

    जुड़ के भी तुझे मैं जीता नहीं
    लगाव बेचैनी भी संग लाता है
    भिगोती नम बारिश की बूंदेहैं
    भीगते नहीं जिनमे बहजाते हैं

    सोचता तुझे आगोश में भर लूँ
    आलिंगन करते ही मरजाता हूँ
    और गर नहीं भरता हूँ, तुझे तो
    तेरी रिक्तता से मर ही जाता हूँ

    उसके कहे का मेल न पाता हूँ
    कहता था बीतते जाते पल मेरे
    जिंदगी का हरपल है कोहिनूर
    छोड़दोगे चूकोगे जीलो भरपूर
    भरपू जी जानना जिंदगी जीली

    पर येभी उससे जुड़ा तो तू गया
    और न जुड़ के भी जी न पायेगा
    इक भी अहसास जीने का गर-
    किस्सा अधूरा तब तक तू जान
    पर अहसास मरे के तू मर गया

    जुड़ के समझना है तुझे जीना है
    बिना तुझसे जुड़े ऐ मेरी जिंदगी!