• unkahi_lekh 10w

    जीवन की रीत

    खुद को केहती पारियों की रानी
    पर समझ न पाती ज़िंदगी की एक छोटी कहानी

    आओ सुनाऊं तुम्हे आज मैं जीवन की एक पहेली
    जो सुलझा लो इसे तो नहीं पाओगे खुद को कभी अकेली

    सदियों से चलती आ रही एक ही रीत
    आज तुम्हारे तो कल किसी और नाम का वो गाएगा गीत

    छिपाता रहेगा तुमसे वो अपनी पहचान
    जान कर भी बनी रहोगी तुम उसके नजरों में अनजान

    कौन समझाए रोने से होवे खुद का नुक़सान
    कोई और नहीं आएगा करने तुम्हारी इन कीमती आसुंवों का बुक्तान

    रोते रोते हो जाओगी बेहाल
    पर नहीं आएगा वो पूछने तुमसे तुम्हारी हाल

    जो कर लो एक बार तुम उसे नहीं छोड़ने का वादा
    सताएगा वो तुम्हे उतना ही ज्यादा

    संभल जाने में ही है भलाई
    वरना दिन, साल कट जाएंगे करते बस उसकी बुराई

    ~मोनू सिंह
    ©monu_singh