• adhure_lafj 50w

    माह-ए-दिसम्बर

    दर्द-ए-दिल,
    ऐ खलिश,
    और तमाम गमों,

    तुम भी रुख्सत हो जाओ न,
    माह-ए-दिसम्बर की तरह।
    @अधूरे_लफ्ज