• inshafatima 5w

    हमने एक अनजान सफर का आगाज़ किया है
    जिसका अंजाम तो पता नहीं
    क्या पता गुमनामी हो या कुछ बेजान सा
    सन्नाटा हो
    या सायद सुर्ख हसीन वादिया हो या कुछ अनजान सी रूहानियत हो
    बस कोशिश रहेगी मुकमल हो
    क्या पता ये पल ये सफर ही ज़िन्दगी वो
    आख़री हो ||

    ©इंशाफातिमा