• abhijeetsahu 22w

    #लिखना_बंद

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    नहीं लिखूँगा कोई कविता
    लच्छेदार शब्दों में लपेट
    तुम्हारे साथ बीते लम्हों को याद कर ।
    कि तुमसे इश्क़ तो है पर
    नहीं लगा सकता हूँ नुमाइश
    तुम्हारी मोहब्बत की
    कि जब तुम्हारे साथ पर हक था सिर्फ मेरा
    तो इस अकेलेपन का दर्द भी सहूँगा सिर्फ मैं
    यक़ीन करो
    लाख कसक उठे दिल में फिर भी
    नहीं लिखूँगा ऐसी कोई नज़्म
    जिसमें ज़िक्र हो
    हमारी मोहब्ब्त का

    © अभिजीत