• prakhar5779 23w

    मुस्कान

    मेरे चेहरे की मुस्कान तू चुरा जाता है
    जब भी तू दूर चला जाता है
    रोता हुँ मै अकेला पड़ जाता हुँ
    जब भी मुझको तू प्यार नहीं जताता है

    अकसर तेरे दीदार की चाहत मे तेरी तस्वीर देखता हुँ
    कभी तुझसे तो कभी खुदा से रूठता हुँ
    बस इसी कदर तेरे पास ना आ पाने से टूटता हुँ

    मै हर रातें हर बातें तेरे नाम कर चूका हुँ
    तेरी आशिकी मे डूबी ज़िन्दगी की हर शाम कर चूका हुँ
    तेरे बिन जी ना पाऊंगा मै, यूँ अकेला छोड़ के ना जा
    मै तो अपनी धड़कन, अपनी ज़िन्दगी तेरे नाम कर चूका हुँ |
    ©prakhar5779