• rutvidave 6w

    जहा प्रेम होता है वहा मोह होता ही नहीं
    प्रेम का जन्म करुणा से होता है
    ओर मोह का जन्म अहंकार से
    प्रेम कहता है उसे ईश्वर संसार के सभी सुख दें
    ओर मोह कहता है में उसे संसार के सारे सुख दूंगा
    प्रेम कहता है मुजे उसपे गर्व हो
    ओर मोह कहता है उसको मुझपे गर्व हो
    प्रेम मुक्तिं देता है
    मोह बांधता है
    प्रेम धर्म है
    और मोह अधर्म
    ♥️♥️