• aayushikumari 30w

    हसरत है दिल-ए - नादान की ,
    जो तुमहे पाना चाहता है .
    कौन समझाए इसे ऊलझने लकिरों की ?
    जो ख्वाहेशों को तोड़े हुए है .

    कशमकश है ज़िन्दगी की
    ऐसे मोड पे जो खडे हैं आज .
    ज़िसे चाहते हैं, उसे हमसफर बना ना सके,
    और अपने हमसफर को दिल से अपना ना सके .

    आईने में चेहरा देख के गुमसुम हैं आज ,
    मुस्कान वो कैद हो गई एक तस्विर में.
    आसूँ देने लगी है वो तस्विर,
    तेरी मेरी जो साथ हास्ते हुए रखी है उस किताब में .

    सारे फूल यूँ तो एक जैसे हैं,
    पर लुभाता नहीं है आज कोई भी सब में .
    मेहेक जो उस गुलाब की नशा बन के बसी है दिल में मेरे,
    जो दिया था कभी प्यार से तुमने इश्क के इजहार में .