• voiceofwords_16 24w

    हवस का बहता हर का लहूँ,
    उसका कैसे खून खौलेगा,
    जड़ से चेतन तक भीगा हो उसी बारिश में,
    तो उसके खिलाफ कैसे बोलेगा।।