• sakshibhardwaj 36w

    ये वो दौर है जिसे वापस आना ही है।

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    वापसी

    यूँ क्यूँ बैठ गए मायूस तुम
    क्या हुआ जो आज की रात
    तुम्हारी किसी से ना बात होगी
    आज की ही तो बात है
    कल फिर से नयी रात होगी।

    उन रास्तों पर जाना मत छोड़ना!
    अब अकेले चलोगे तो क्या हुआ,
    कल फिर वहीं आते जाते
    किसी और से मुलाकात होगी।

    अभी माहौल थोड़ा चुप सा है
    अपने किस्सों को मन में दोहरा लो
    कल फिर से इन्ही को सुनकर
    खिलखिलाहटों की सौगात होगी।

    हाँ इस बार थोड़ी गर्मी ज़्यादा है
    थोड़े महीने और रुक जाओ
    फिर से गजब बरसात होगी।