• goldenwrites_jakir 9w

    #abhivyakti79

    सब्र का समंदर खारे पानी जैसा है
    जिसमे खुशियों के मोती हजार --------
    मन को इक उम्मीद इक विश्बास के धागे में जोड़े रखती है
    सब्र वो दवा है जख्मो की जो बाजार में नहीं मिलती
    आत्मा --- परमात्मा से मिलन है सब्र की इक सीढ़ी
    जो हमें सही रास्तो का ज्ञान दिखाती है सही दिशा की और उम्मीद के चिराग से रोशन जिंदगी को जीना सिखाती है

    जिस किसी की भी जिंदगी में सब्र नहीं वो जिंदगी की नीब अधूरी है
    मन को सांत रखना ईश्वर पे निसंदेह प्रेम यही रौशनी असल जिंदगी का इक उगता सूरज है .....।।


    ©goldenwrites_jakir