• prince_kmr 5w

    जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!
    मैं नभ में उड़कर सुख पाऊँ!

    मैं फुदक-फुदककर डाली पर,
    डोलूँ तरु की हरियाली पर,
    फिर कुतर-कुतरकर फल खाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!

    कितना अच्छा इनका जीवन?
    आज़ाद सदा इनका तन-मन!
    मैं भी इन-सा गाना गाऊँ!
    जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!

    जंगल-जंगल में उड़ विचरूँ,
    पर्वत घाटी की सैर करूँ,
    सब जग को देखूँ इठलाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!

    कितना स्वतंत्र इनका जीवन?
    इनको न कहीं कोई बंधन!
    मैं भी इनका जीवन पाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!
    ©prince_kmr

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    जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!
    मैं नभ में उड़कर सुख पाऊँ!

    मैं फुदक-फुदककर डाली पर,
    डोलूँ तरु की हरियाली पर,
    फिर कुतर-कुतरकर फल खाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!

    कितना अच्छा इनका जीवन?
    आज़ाद सदा इनका तन-मन!
    मैं भी इन-सा गाना गाऊँ!
    जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!

    जंगल-जंगल में उड़ विचरूँ,
    पर्वत घाटी की सैर करूँ,
    सब जग को देखूँ इठलाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!

    कितना स्वतंत्र इनका जीवन?
    इनको न कहीं कोई बंधन!
    मैं भी इनका जीवन पाऊँ!
    जी होता चिड़िया बन जाऊँ!
    ©prince_kmr