• kushagrasharma 23w

    आज फिर

    आज फिर तेरी याद आई
    आज फिर ये आँखे भर आई..
    आज फिर दिमाग की दिल से लड़ाई..
    आज फिर ये धड़कन भुलाई..
    आज फिर ये कदम लड़ख़ड़ाए...
    पर थामने मुझे तुम नहीं आई...
    आज फिर कोन इस दिल को समझाए..
    की तुम मुझे कब का भूल गयी....
    ©kushagrasharma