• diksha_chaudhary 10w

    उसे भाती नहीं थी मेरी शरारतीं तबीयत....
    उसे तरसा के रख दिया मैनें संजीदा होकर!!

    Read More

    इल्म कहता है किताबों का, अब समझदार हो जा
    पर दिल बचपना छोड़ने को राज़ी क्यूँ नहीं मेरा??
    ©diksha_chaudhary