• khushhnuma 23w



    ये जो मेरी आँखों को
    पढ़ कर भी
    तुम नज़रें फेर लेते हो,
    एक रोज़
    ख़ुद को ढूंढोगे,
    इनमें ही कहीं।
    ©khushhnuma