• hritikraj 23w

    जिन्दगी की महफ़िल में हम तन्ह़ा ही रह गए
    वो सामने से आये,मुस्कुराए और हमे यूँ ही बर्बाद कर के चले गये
    हमने सोचा खबर तो हर एक शहर में हो गई होगी
    पर फिर याद आया की अपने वजूद का किस्सा तो उनके लबों पर ही छोड़ आए। ।


    ©hritikraj