• mr_md_ 4w

    This poem is dedicated to who's are left to parents for love marriage... Don't Leave our Parents only for Love ......If Find something wrong then text me guy's
    @suman73039 , @sillypoet , @unspokengirl , @panchdoot , @writerstolli , @porii06 , @chhavimusicstar , @guftgu ,@sajank

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    अपनो से दूर कब तक रहोगे
    जब तक तुम्हारे पास पैसे रहेंगे
    चाहै जीतना भी दुर भागोगे
    आखिर एक दिन अपने
    घर ही वापस लौटोगे
    क्यूँ की दूनिया मैं वो इक
    जग हैसी होती है
    जहाँ कुद बागवान रहते है
    जिन्हे हम माँ बाप कहते है...