• surbhi_kumari_ 21w

    प्रेम का अर्थ हर स्तर पर अलग होता है---
    माता और संतान के मध्य कख प्रेम ममता कहलातख है,
    ईश्वर और भक्त के बीच का प्रेम श्रद्धा कहलाता है,
    पति पत्नी के बीच का प्रेम सात जनमों का अटूट बनधन कहलाता है,
    भाई- बहन का प्रेम स्नेह कहलाता है,
    गुरु और शिष्य का प्रेम ग्यान कहलाता है,
    और स्वयं से प्रेम आत्मसम्मान कहलाता है।।
    ©surbhi_kumari_