• naivegirl 9w

    जैसे तैसै कर के दिन गुजरने लगे थे
    कुछ माह वहां रहते हुए अभी गुजरा था
    मकान मालिक के जो दो लड़के उनका व्वहार अच्छा न था।
    गलत लत और गलत काम करते थे, पर तीनों बच्चे तो छोटे और सीधे और मासूम थे इतनी समझ कहाँ थी,भइया बोलते थे।
    माँ किसी काम से गाँव जाती है और पापा भी नहीं रहते,तीनों बच्चे अकेले रहते हैं रूम पर।
    मकान मालिक के जो दो लड़के उनकी नीयत ठीक न थी लड़की को बहलाते और फुसलाते हैं।
    और एक दिन उसे बड़ा लड़का अपने कमरे में बुलाता है और दरवाजा बन्द कर लेता है।
    Shukra है ऊपर वाले का की पापा आ जाते हैं ढूढने लगते हैं,बच जाती है लड़की

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    A family story

    इसके बाद माँ आती है उसे पता चलता है इन बातों का, माँ तो माँ होती है लड़ जाती उन लोगों से पर थे तो किरायेदार रूम खाली करने को बोल दिया जाता है और इल्जाम बच्ची पर लगाया जाता है कि लड़की ही ऐसी होगी जो महज 13-14 वर्ष की थी।
    और माँ को चप्पलों से मारा जाता है कि लड़की ऐसी है, कैसैे भी कर के रूम खाली कर दूसरे जगह जाते हैं, पर लड़की को दुःख इस बात का था की माँ को मारा गया था।