• amritpalsinghgogia 9w

    156 प्यासा

    आज तुमने तो क़सम खाई है क़सम न खाने की
    तो क्या आन पड़ी थी इस क़दर मुझे रुलाने की
    अब कौन सा ढंग बताओगी कि मुझे दिलासा हो
    'पाली' भी तो पागल है जाने कब का प्यासा हो

    अमृत पाल सिंह ‘पाली’