• rohitsrivastva 5w

    किंनर

    सड़कों पे उनको ताली बजाते देखा हैँ
    लोगो की नजर से उनको देखा हैँ
    लगता था बचपन में वो पैसे मांगती हैँ
    अब समझ में आया वो तो खुशिया दोनों हाथो से बातती हैँ

    लोगो ने उन्हें कई नाम दिया हैँ
    किनर छके हिजड़ो कह के पहचान दिये हैँ
    कोई उन्हें भी इंसान क्यों नहीं मानता हैँ
    सड़को पे कोई उनके लिए भी क्यों नहीं ताली बजाता हैँ

    इनको भी अपना अस्थान चाहिये है
    इंसान हैँ ये भी इन्हे सम्म्मन चाहिये हैँ
    बस हम सब से उनको प्यार चाहिये
    हिमत की मिसाल हैँ वो
    धरती पे इंसानों के बिच अवतार हैँ

    किंनर नहीं वो भी इंसान हैँ
    आज रोहित सर उनके सामने झुकता हैँ
    हाथ जोर के पछताता हैँ
    बस जहाँ दिखे तुमको वो बस सर झूठ लेना
    हाथ फेरेगी बालो में मुस्कुरा देना
    वो पैसे नही मांगती है
    दोनों हाथ उठा के दुनिया में खुशियाँ बाटती हैँ

    Dedicated to those people who lesion our craps still give blessings

    मेरी कलम
    ©rohitsrivastava