• hirenbaraiyahb 23w

    कुछ बाते है जो मेने अपनी आँखों के नीचे दबाकर रख लिए,क्योंकि कुछ बोलने जाउ तो वो उस पर पानी फेर दिए,
    हालात कुछ ऐसे हो चुके है की ना कोई साथ ना किसिका हाथ लिए,
    क्योकी अब तो किस्मत भी मुझ पर थूक दिए
    समजने वाले आज मुजे समजाकर चल दिये,
    क्योकी अक्सर अंधेरा होते ही रोशनी निकल लिए,
    अब तो हर चुनोती को चुनोती दे दिए,
    क्योकि में नीकल पडा हु सर पर कफ़न लिए,
    ना रास्तो की परवाह किये ,
    में चलने लगा हु मंजिल के लिये,
    अपने जबान पे लगाम दिए,
    में जा रहा हु होठो पे चुप्पी लिए,

    वादा है तुम सबसे,

    अगर में लौटूंगा ,
    तो लौटूंगा हज़ारो की भीड़ लिए,
    तब हम हसकर पूछेंगे तुमसे की,
    क्यों क्या हुआ तुम भी जल दिए....!!!!!!!
    ©HIREN BARAIYA HB