• kiranpurba 10w

    Gazal

    सुरों को शान बक्शी है अदब को नुर बकशा है
    गजल गाने का दुनिया को नया दस्तूर बकशा है
    गजल की धुन उन्ही से गुनगुनाता साज है जिन पर
    गजल की दास्ताँ करती रही परवाज़ है जिन पर
    सुखम् और मौसिकी को सुनने वालो भुल मत जाना
    गजल को रशक है जिन पर गजल को नाज़ है जिन पर
    Dr.rajesh mohan