• khadijahabib 19w

    वक़्त

    धीरे धीरे गुजरता ये समय
    अचानक से अपनी गति तेज़ कर देता है
    लोगो के मुंह से अक्सर सुना है
    वक़्त सब ठीक कर देता है।।

    वक़्त के खेल को तब जाना,
    जब अपनों के बदलते रंग को पहचाना।
    मुसीबत मे जब अपनों को पराया कर देता है
    और कामयाबी में जब सबको अपना बना देता है
    तब दिखाई देता है कि वक़्त सब ठीक कर देता है।।

    कहते है किसी का इंतजार करना सबसे कठिन होता है
    जैसे एक सैनिक कि मां का इंतज़ार
    या कोई बिछड़े हुए जोड़े का अपने साथी के लिए इंतज़ार
    इंतज़ार की इस गड़ियो में वक़्त का हमपे हसना
    हमें रोने पर मजबूर कर देता है
    पर आखिर कार वक़्त सब ठीक कर देता है।।

    किसी का हमसे यू अचानक दूर हो जाना
    और फिर उसकी यादों में गंटो बिताना,
    यादों की कहानियों में तो वक़्त बड़ी एहम भूमिका निभाता है
    हां वक़्त सब ठीक कर देता है।।

    खुशी की गड़ियो में गड़ी के कांटों का वो तेज़ चलना
    वहीं दुख के हालातों में वक़्त का यू थम सा जाना
    महफिलों में इसका हाथों से यू फिसलना
    और मय्यत में रुक सा जाना
    पर सब मुश्किलों में ये वक़्त ही कमाल कर जाता है
    कहते है ना 'आज तेरा वक़्त है कल मेरा भी आएगा '
    उस वक़्त को लाने की चाह में इंसान हर पहाड़ को चढ़ जाता है
    और आखिर में सबको यही बताता है
    की वक़्त सब ठीक कर जाता है।।

    ©khadijahabib