• maverick_sg 4w

    और ये रात भी तो साहब,
    बहुत टूटी हुई होती है,
    जहाँ हर कोई बेजां ख़ाली होता है,
    किसी कोरे पन्ने के तरह,
    और रात ताश का वो "जोकर" है,
    जिसके हाथ आया, बाज़ी उसकी,


    (Read caption)