• richa__ 31w

    फ़र्क।

    फ़र्क़ पड़ता है जनाब, पड़ता है,
    हर कोई मदद के लिए ततपर खड़ा नहीं मिलता है,

    अपनों की कमी और अनजानों का साथ है,
    ख़ुशी मेरी इसमें भी है अपार।

    शुरआत है अभी जिंदगी की,
    पर सिखा बहुत कुछ रही है, ये भी एक बात है अनोखी।

    जिंदगी के तजुर्बे बोलना तो गलत होगा,
    पर इन गलतियों से सिखा लिया मैंने बहुत कुछ है।

    ©richa__