• o3muskan 4w

    ये शाम युही बस ढल जाती है
    रातें न जाने कब गुज़र जाती है
    कोई रूठ जाता हमसे कोई टूट जाता है
    बिन कहे न जाने ये साथ छूत जाता है
    ©o3muskan