• urvashi_s 31w

    माँ

    माँ,
    तेरी अक्सर याद सताती है।
    तेरे बिना नींद नहीं आती है।
    तू थी,
    तो एक सहारा था।
    इस डूबती हुई कश्ती का,
    तू ही तो एक किनारा था।

    तेरे तो डाँट में भी प्यार था।
    अब तो दूसरों के प्यार में भी,
    मतलब दिखता है।
    माँ, तेरे जैसा
    इस दुनिया में कोई नहीं मिलता है।

    बहुत सताया, बहुत रुलाया।
    एक-एक पल,
    तुझे तड़पाया।
    पर जब मन उदास होता है,
    तेरी ही याद आती है।
    माँ, तेरे बिना
    जिंदगी सूनी हो जाती है।

    फिर से,
    एक बार गोद में सुला ले।
    बस एक बार,
    फिर मुझे अपने सीने से लगा ले।
    अब नहीं रहा जाता मुझसे,
    माँ;बस एक बार,
    अपने पास बुला ले।
    ©urvashi_s