• nehulatagarg 24w

    और उम्मीद है और यह यकीन भी की , जब आप दोनों यहाँ लौटेंगे तो शाह - ए - रोम का मुकद्दर पूरी तरह से बदल चुका होगा और यहाँ की आबो - हवाऐं भी खुशनुमा होंगी और फिजाओं में भी खुशगवार रंग घुले होंगे और अपनी असली रंग के नूर की चाँदनी से रोम दमक रहा होगा जो सबके दिल को सुकून और राहत देगा और फलक पर सूरज की तरह आफताब बनकर रोम अपनी चमक बिखेर रहा होगा और एक नयी सदी में नयी शुरूआत के साथ अपने मुस्तकविल का आगाज कर रहा होगा और एक नये शाह आपके इस्तकबाल के लिये खडे होंगे तो अबु भी यकीन से कहने लगते है - हम जानते है बेटा की , हमारी आहन्ना अपना हर एक फर्ज निभायेगी और अपने इस मुल्क को बेहतरीन भी बनायेगी और ऐसी ही बहुत कुछ है जो बेहतरीन बनाना है हमारी आहन्ना को और हम जानते है की , हमारी आहन्ना इस फर्ज से भी नहीं चुकेगी । अबु और रूखसार से गले मिलकर उन्हें नम आँखों से विदा करते है और जब तक जहाज आँखों से औझल नहीं हो जाता तब तक सब वहीं खडे रहते है । आहन्ना मन ही मन कहने लगती है - हम जानते है की , आप दोनों भारत जा रहें है और उस मुल्क को देखने और उस शहजादें से मिलने जिससे आपको तसल्ली भी हो जायें और आप हमें वहाँ चलने के लिये तैयार कर सकें । हम चाहते तो आपको रोक देते लेकिन यही सोचकर रूक गये कि , कभी हमारा वो परिवार भी इसी तरह वहाँ जाना चाहता था , मिलना चाहता था और देखना चाहता था और इससे पहले की वो वहाँ जाने के लिये रूखसत होते उससे पहले ही उन्हें इस दुनिया से रूखसती मिली । आहन्ना आज बहुत उदास थी और हो भी क्यों ? ना घर सुना - सुना सा जो लग रहा था और उन दोनों की बहुत याद आ रही थी रात गहरा चुकी थी और नींद आँखों से कोसों दूर थी बस करवटें बदलती बिस्तर पर बेमन से लेटी थी और तभी किसी के आने की आहट होती है और वो चौंक कर उठ बैठती है और फिर दरवाजे पर दस्तक से सोच

    Read More

    चित्रांगना

    में पड जाती है की , इस वक्त कौन आया होगा ? और जब दरवाजे को खोलती है तो सामने क्रैथेसियन खडे रहते है और वो उन्हें देखकर चौंक जाती है और पूछने लगती है - आप इतनी रात को यहाँ क्या कर रहें है शहजादें ? ऐसी भी क्या मुश्किल आन पडी जो आपको यूँ तहजीब के सारे कायदे तोड़कर यहाँ आना पडा ? हमने कहा था ना आपसे की , हम आज अकेले ही रहना चाहते है तो फिर आपको हमारी बात नहीं भूलनी चाहिये थी ना और यह आपके चेहरे पर हवाइयां क्यों उड रही है और औनियोन , एफेसियस कहाँ है ? आपको पता है ना की , आपकी सच्चाई को छुपाकर रखना है और आप इस तरह से घूमते रहेंगे तो हो सकता है कोई भी आपको पहचान लें और यह खबर ब्राथेसियन तक पहुंच गयी तो अंजाम कुछ भी हो सकता है और ऐसे हालात हम पैदा होने नहीं दे सकते तो खुदा के लिये जैसा भी हम आपको कहते है वैसे ही किया कीजिए और अब आपको जाना चाहिये इससे पहले की कोई और भी घर में जानें तो जाइये आप यहाँ से और हम सुबह तो आपके पास आ ही रहें है ना तो फिर .. । आहन्ना यह कहकर मुडती है तो क्रैथेसियन कहने लगते है - इतने सारे सवाल तो आपने पूछ लिये हमसे लेकिन वजह जानना नहीं चाहा तो आहन्ना कहने लगती है - हम वहीं पर आकर सब जानेंगे क्योंकि आप अभी जो कुछ भी कहेंगे वो हमें ना ही समझ आयेगा और ना ही हमारे कानों तक आपकी आवाज पहुंच पायेगी क्योंकि अभी हमें अपने अबु की आवाज ही सुनाई दे रही है हर जगह । उनकी और रूखसार की यादें उनके साथ बितायें पल और उनकी खेरियत और सलामती के ख्याल और दुआऐं ही करना हमें समझ आ रहा है और आप जानते है की , हम कोई भी काम बेमन और गैर दिलचस्पी से नहीं करते तो खुदा के लिये अभी आप चलें जाइये ताकि ना आपका वक्त जाया हो और ना ही हमारा और किसी की भी नींद में खलल ना पडें । क्रैथेसियन मायूसी से लौट आते है और उन्हें देखकर दरवाजे पर खडे औनियोन और एफेसियस पूछने लगते है , इतनी रात को कहाँ गये थे आप तो क्रैथेसियन खामोशी से अन्दर