• pankhuri__priya14 6w

    बाद तुम्हारे सब अपनों के मनमाने व्यवहार हुए
    मुस्कानें ही क्या, आँसू भी सालाना त्योहार हुए
     
    आँखों में तूफ़ान मचा तो दामन की दरकार हुई
    और जब दामन हाथ में आया, सब आँसू ख़ुद्दार हुए
     
    पैसों के बदले बच्चों से माँग रहे हैं मुस्कानें
    जैसे ये माँ-बाप न होकर, रिश्वत के बाज़ार हुए
    ©krishna_ki_kalam