• reenasaifi 5w

    ज़ेहन में तू होता है, तो मैं चीज़े भूल जाती हूं
    कुछ कहते कहते, खुद ही अचानक मुस्कुराती हूँ
    धूप में भी मैं ठण्ड से कपकपांती हूं
    जब सब हसते रहते है, तब मैं ख्यालों में खो सी जाती हूँ
    जब मम्मी पानी मांगती है, तो मैं खाली गिलास पकड़ाती हूँ
    नहाने के बाद मैं पानी का नल खुला ही छोड़ आती हूँ
    खाना खाने के बाद खाली बर्तन, फ्रिज में रख आती हूँ
    फ़ोन चार्जर में लगाने के बाद बोड का स्विच ऑन करना भूल जाती हूँ
    सब पूछते हाल मेरे इतना बदल जाने का
    मैं मुस्कुराकर बाते टाल जाती हूँ
    ©reenasaifi