• urmilawrites 23w

    छाँव देता हूँ,
    देता हूँ फल,
    सदियों से मुझे लगाते आये हो, अब क्या आन पड़ी ।
    जो काटनी पड़ी मेरी जड़े ।
    मैंने जीवन दिया और मैं ना रहूँ तो तुझे मिलेगी
    मौत ।
    अब जाग जरा और पेड़ लगा और बचे हुए को बचा ।
    ©urmilasharma08