• _jiya_ 18w

    किये होंगे ना वादे तुमने भी किसी से,
    इस तारों भरे आस्माँ के नीचे सोने को,
    पकड़ा होगा ना किसिने हाथ तुम्हारा,
    ज़िंदगी भर साथ चलने को,
    सुनाए होंगे ना तुमने भी उसे अपने तराने,
    कुछ लफ्ज़ उसके अपने होठों पर पढने को,
    तो क्या तुम्हे भी याद हैं वो आँसू,
    जो बहाये थे तुमने अपनी 'खुशी' बयाँ करने को,
    मैं नही जानती तुमने कितने गहरे घाव सहे हैं,
    मैं नही जानती की तुम अब भी सितारों को,
    देखते हो उनसे बस प्यार भर करने को,
    पर मैं ये ज़रूर जानती हूँ की,
    कुछ है तुम में, जो मुझे अपना सा लगता है,
    तो सुनो ना, आज रात मिलोगे उन्हीं तारों के नीचे,
    मुझसे वही वादे करने को,
    कहो; मिलोगे ना?

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    ज़रा सुनो, तुमसे कुछ कहना है
    (Caption...)
    ©_jiya_