• chitraj 51w

    मुलाक़ात

    एक सुबह कही तुमसे
    मुलाकात होगी,
    मिलते ही शायद बाते
    हज़ार होगी,
    तुम्हारी कुछ मुसीबते
    और कुछ शिकायते होंगी,
    मेरी खुद की भी मुश्क़िलाते
    हज़ार होंगी।

    पर उस मुलाकात की भी
    अपनी अलग पहचान होगी,
    सारी उलझने, सारी मुसीबते भी
    उस दिन खाक होगी,
    अपनी शिकायतों की पोटली भी
    ना अपने साथ होगी,
    बस होंगी तो अपने सामने राहे होगी,
    जिसपे अपने कदमों की छाप होगी ।।

    ~एक भटका राही

    ©प्रकल्प