• balrajbisht 22w

    B&b

    मुझे गले से लगा मुझमे रोशनी कर दे ।
    मैन पेड़ हूँ मेरी शाखें हरी भरी कर दे ।।
    उस एक शक्ष के पाबंद हैं जमाने भी ।
    अगर वो चाहे तो लम्हे को भी सदी कर दे ।।