• sahib05 5w

    तुम होंठों के ऊपर यूँ हाथ जो रखी हो
    जैसे छुपा के जैसे शराब कोई रखी हो.

    यूँजो नजरें झुका के जनाब जो रखी हो
    जैसे नींदों से चुरा के ख्वाब जो रखी हो.