• asthaaj5 35w

    Justice for asifa

    A short story related to the women and girls of the country.
    देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है।
    We all know these lines very well because we used it in our daily life.
    पर कभी ये प्रश्न उठा है मन मै की - क्या देश सच मै बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है?
    We are moving in the field of technology, education, fashion and economy but we are decreasing our status in the field of the status of a women, a girl child...
    कभी तो सोचो... कभी ।
    भारत आज भी वही है जो 16 दिसम्बर 2012 मै था।
    यहां हर साल नवरात्रि मै लड़कियों को पूजा जाता है। वो आज भी सेफ नहीं है, स्वतंत्र नहीं है। ना बाहर समाज मै ना ख़ुद के घर में।
    क्या अभी भी भारत आगे बढ़ रहा है?
    16 दिसम्बर 2012 मै हुआ दामिनी केस में लोगो नै लड़की की ही गलतियां निकाली, उसके कपड़ों पर बोला गया।
    Do the clothes really matter?
    चलो मान लिया कि कपड़े मायने रखते है।
    तो इसबार जो 8 साल की लड़की शिकार बनी उसकी क्या गलती रही होगी? कपड़े उसके भी देखे गए होंगे?
    सच तो यह है कि हमारा समाज अन्धा है, हमारा कानून अन्धा है।
    रोज ना जाने कितनी लड़कियों के साथ रेप होता है , उन्हे छेड़ा जाता है पर इसके बाद भी सरकार क्या सोल्यूशन निक।लती
    है कि जिस लड़की का रेप हुआ होगा वो लड़की गुनाहगार को मार सकती hai।
    कौन कौन इसको सही मानता है?
    एक rape victim इतना सब होने के बाद उसे मार पाएगी, हिम्मत बचेगी उसमे?
    अगर लड़की ही नहीं बची तो क्या होगा वो इंसान खुला घूमेगा? ये कहाँ का न्याय है ?
    कहाँ का?
    एक गाय की हत्या पर सरकार उम्र कैद कर सकती है पर इंसान को मारने पर कुछ साल। यह है हमारी सरकार।
    This is our india.
    देश आगे बढ़ रहा है।
    ©asthaaj5