• poetry_of_fillings 34w

    कहां गया वो वक्त जब तुमने दिल से हंसाया था
    पहले तो कभी तुमने ऐसे रुखा़पन ना दिखाया था

    पेहले जब भी कभी ग़मगीन वक्त आया था 
    तब तो तुमने अपनी कसम दे के मनाया था 

    मेरी कोनसी कमी ने तुमको ईतना सताया था 
    की मेरे कीसी अलफ़ाझ ने तुम्हें रुलाया था 

    क्या तुमसे ये सब किसी मजबूरी में करवाया था 
    या फिर मेरे वेरी ने कोई मोज़िजा दिखाया था 

    ©poetry_of_fillings