• soul_exist 5w

    ये कलम पसंद है मुझे।
    #hindi #hindimirakee #raat #poetry #poem

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    रातें सोने के लिए नहीं होतीं !

    रात होते ही
    सो जाते हैं लोग
    कुछ अकेले
    कुछ, किसी के साथ
    बंद कर लेते हैं
    खिड़कियाँ, दरवाज़े
    पर वहीं
    जागते भी रहते हैं
    कुछ लोग, जैसे
    खिले असमां का चाँद
    खुली आँखों का शायर
    पसरा सन्नाटा
    और एक बूढ़ा
    बूढ़े को पूरी रात सताती है बुढ़िया की याद
    और वो खिड़कियाँ खोल
    निहारता रहता है एकटक
    दूधिया चाँद
    महसूस करता है सन्नाटे के बोल
    याद आती हैं वो रातें
    जब वो नीद का मारा
    अनसुना कर देता था
    बुढ़िया की बात
    और करवट ले सो जाता था
    उसकी आँखो में छाई मायूसी
    कहती है कि
    रातें सोने के लिए नहीं होतीं !

    - उज्ज्वल पांडेय