• saurabhdheer 11w

    मुवक्किल जिनके थे हम
    उसने ही हमको शिकस्त दी

    दलील ऐसी दी जिरह में
    कातिल हमीं को ठहरा दिया

    न कर दुआ उसकी क़बूल अब
    उसकी सज़ा मंज़ूर नहीं

    हाँ, तू दे सज़ा अज़ीम हमें
    क्यूँ उसको ही मुंसिफ़ बना लिया

    ©saurabhdheer