• malisha 24w

    माँ

    माँ ,एक प्यारा सा शब्द माँ ,
    निस्वार्थ प्यार देने वाली माँ ,
    माँ मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है जब एहसास होता है तुमने कितना दर्द से मुझे ये जीवन दिया ...
    माँ रोंगटे खड़े हो जाते थे जब मैं अकेली अँधेरे मैं जाने से डरती थी ...तब तुम साथ थी माँ...
    याद है मुझे वो राते जब तुम मेरी हर ऐसी बात का जवाब देती थी जो कोई नहीं देता था माँ...
    मुझे याद है वो दिन जब हम स्कूल जाया करते थे कुछ भुला नहीं करती थी तुम माँ...
    पेंसिल ,रबर ,टिफिन ,बोत्तल ,किताबे ,और तुम्हारा हमलोग को तैयार करना नहीं भूली माँ.....
    स्कूल से आ के सभी बातों को पिटारा खुल जाना और साथ खाना नहीं भूली माँ....
    बचपन जिना है माँ फिर से साथ उन लम्हो को गुजारना है माँ नहीं जाना तुझसे दूर माँ ....
    मुझे फिर से जीना है माँ ....कुछ बाते बड़े होने पे नहीं कह पाती माँ ....मुझे फिर से बचपन मैं लाओ ना माँ ....